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समस्तीपुर में लूट की कहानी निकली झूठी, मोबाइल दुकानदार ने पुलिस को किया गुमराह

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समस्तीपुर के रोसड़ा थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकानदार द्वारा बताई गई 55 हजार रुपये लूट की घटना जांच में झूठी निकली। पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले का खुलासा किया है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के एरौत चौक पर दिनदहाड़े हुई कथित लूट की घटना ने बुधवार को इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआत में मामला एयरटेल पेमेंट बैंक केंद्र और मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में घुसकर करीब 55 हजार रुपये लूट लेने का बताया गया, लेकिन अब पुलिस जांच में इस पूरे मामले का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, दुकान संचालक के साथ मारपीट की घटना तो हुई थी, लेकिन लूट जैसी कोई वारदात नहीं हुई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले को गंभीर दिखाने के लिए खुद दुकानदार ने पैसे लूटे जाने की बात कही थी।

घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा फैल गई थी कि अपराधियों ने दिनदहाड़े दुकान में घुसकर हमला किया और नकदी लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस भी हरकत में आई और तत्काल मामले की जांच शुरू कर दी गई।

प्रारंभिक जानकारी में बताया गया था कि एरौत मुसहरी निवासी अजय कुमार यादव अपनी मोबाइल रिपेयरिंग दुकान पर काम कर रहे थे। उसी दौरान एक युवक दुकान में पहुंचा और ब्लूटूथ नेकबैंड दिखाने की मांग करने लगा। दुकान संचालक किसी अन्य मोबाइल की मरम्मत में व्यस्त थे, इसलिए उन्होंने युवक से थोड़ी देर इंतजार करने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।

आरोप था कि युवक अचानक आक्रामक हो गया और उसने कमर से बेल्ट निकालकर अजय यादव पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान दुकानदार नीचे गिर पड़े और उसी दौरान आरोपी कथित रूप से गल्ले में रखे करीब 55 हजार रुपये लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए थे।

लेकिन जब पुलिस ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की तो कहानी कुछ और ही निकली। समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि रोसड़ा थाना पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि दुकान पर पहुंचे युवक और संचालक के बीच केवल विवाद और मारपीट हुई थी, जबकि पैसे लूटे जाने की बात गलत थी।

पुलिस के अनुसार, युवक ने बेल्ट से 2-3 बार हमला कर अजय कुमार को चोट पहुंचाई थी। इसके बाद दुकानदार ने घटना को अधिक गंभीर दिखाने और पुलिस को तुरंत मौके पर बुलाने के उद्देश्य से नकदी लूट की कहानी बना दी। पुलिस जांच में यह पुष्टि नहीं हुई कि दुकान से किसी प्रकार की नकदी छीनी गई थी।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि दुकान संचालक द्वारा पुलिस को दी गई शुरुआती सूचना और वास्तविक घटना में अंतर पाया गया। पुलिस ने साफ किया कि यह मामला लूट का नहीं बल्कि आपसी विवाद और मारपीट का था।

इस खुलासे के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है। कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी झूठी सूचना देने की जरूरत क्यों पड़ी। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर घटना को लेकर तेजी से फैली अफवाहों ने भी मामले को और सनसनीखेज बना दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी घटना की सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। झूठी सूचना देने से पुलिस संसाधनों का गलत इस्तेमाल होता है और वास्तविक आपराधिक मामलों की जांच प्रभावित हो सकती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना की सूचना देते समय तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश न करें।

रोसड़ा थाना क्षेत्र में इस घटना के बाद पुलिस भी सतर्क नजर आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय व्यवसायियों ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। कई दुकानदारों ने कहा कि बाजार क्षेत्र में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से बाजार इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी पूरी तरह सही नहीं होती। शुरुआती सूचना के आधार पर लोग इसे बड़ी लूट की वारदात मान बैठे थे, लेकिन पुलिस जांच में मामला बिल्कुल अलग निकला।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि झूठी सूचना देने के मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाए। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखना और सही तथ्यों को लोगों तक पहुंचाना है।

समस्तीपुर में सामने आए इस मामले ने यह संदेश भी दिया है कि किसी भी घटना के बाद आधिकारिक जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचना जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अपुष्ट खबरों को सोशल मीडिया पर फैलाने से बचें।

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